जब लोग नया घर खरीदते या बनाते हैं, तो अक्सर सवाल उठता है – “क्या ईस्ट फेसिंग घर अच्छा होता है?”
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्व दिशा (East) सूर्य देव की दिशा है और इसे जीवन, स्वास्थ्य और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि ईस्ट फेसिंग घर को बहुत शुभ और उन्नति देने वाला माना जाता है।
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ईस्ट फेसिंग घर में प्रवेश करने से परिवार के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सेहत और प्रगति आती है।
लेकिन अगर वास्तु दोष हो (जैसे कि गलत जगह किचन या टॉयलेट), तो समस्याएँ भी हो सकती हैं।
Do’s ✅
Don’ts ❌
“ईस्ट फेसिंग घर सूर्य की ऊर्जा को सीधे आकर्षित करता है। यह स्वास्थ्य, सफलता और खुशहाली का प्रतीक है। लेकिन कई बार गलत प्लानिंग (जैसे नॉर्थ-ईस्ट में टॉयलेट या किचन) समस्याएँ पैदा कर देती हैं। सही वास्तु सुधार से घर की ऊर्जा तुरंत बदल सकती है।”
22+ साल के अनुभव में, डॉ. गोरे ने 5000+ परिवारों और बिल्डर्स को East Facing House Vastu और वास्तु उपायों से मार्गदर्शन दिया है।
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ईस्ट फेसिंग घर को वास्तु में बहुत शुभ माना गया है। यह सेहत, करियर और पारिवारिक सामंजस्य के लिए बेहतरीन होता है। सही दिशा में प्रवेश द्वार, पूजा घर और किचन रखने से घर में शांति और समृद्धि बनी रहती है।
याद रखें – अगर घर में दोष है, तो आसान वास्तु उपाय से उसे संतुलित किया जा सकता है।
Q1. क्या ईस्ट फेसिंग घर शुभ होता है?
👉 हाँ, यह सेहत, प्रगति और खुशहाली देता है।
Q2. मुख्य द्वार कहाँ होना चाहिए?
👉 ईशान कोण (North-East) या पूर्व दिशा में।
Q3. किचन किस दिशा में होना चाहिए?
👉 South-East (अग्नि कोण)।
Q4. पूजा घर किस दिशा में रखना चाहिए?
👉 नॉर्थ-ईस्ट।
Q5. ईस्ट फेसिंग घर में क्या नहीं करना चाहिए?
👉 नॉर्थ-ईस्ट में टॉयलेट, साउथ-वेस्ट में प्रवेश द्वार और भारी सामान।
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